शायरी एसएम्एस

उसका इल्जाम है

0

उसका इल्जाम है
वह लगातार ताकता है मुझे
लेकिन यह तो बता
की ‘ मै ताकता हूँ’
यह पता कैसे चला तुझे

जुदाई का गम

0

हम ने माँगा था साथ उनका,
वो जुदाई का गम दे गए,
हम यादो के सहारे जी लेते,
वो भुल जाने की कसम दे गए!

जिँदगी को मौत के नाम

0

लबो की हँसी आपके नाम कर देँगेँ,
हर खुशी आप पर कुर्बान कर देँगेँ,
जिस दिन होगी कमी मेरे प्यार मे,
जिँदगी को मौत के नाम कर देँगेँ।

खुशियो की दुकान

0

काश कोई खुशियो की दुकान होती,
वंहा हमारी पहचान होती,
दे देता सारी खुशियाँ तुझे,
चाहे उसकी कीमत हमारी जान होती।

याद मे सोते नही

0

हमे अपनी दोस्ती का हिसाब नही आता
उनका पलट कर कोई जवाब नही आता,
हम तो उनकी याद मे सोते तक नही
और
उनको सो कर भी हमारा ख्वाब तक नही आता।

Go to Top