शायरी एसएम्एस

हलका__हलका

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ये जो हलका__हलका उस “कमबख्त में गुरुर है
कैसे कहूँ, सब मेरी तारीफों का ही “कसूर है

नसीहतें

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नसीहतें अच्छी देती है दुनिया,
अगर, दर्द किसी और का हो!

अगर तू…

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मे तोड़ लेता अगर तू गुलाब होती
मे जवाब बनता अगर तू सबाल होती
सब जानते है मैं नशा नही करता,
मगर में भी पी लेता अगर तू शराब होती!

रोती हुई आँखो मे….

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रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है,
ना चाहते हुए भी प्यार होता है,
क्यू देखते है हम वो सपने,
जिनके टूटने पर भी उनके सच होने
का इंतेज़ार होता है?…..

मोहबत को….

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“वादा-ए-वफ़ा करो तो फिर खुद को फ़ना करो,
वरना खुदा के लिए किसी की ज़िंदगी ना तबाह करो”

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